सच्चाई

आज के संसार में लगभग सभी स्थानों पर भ्रष्टाचार, बेईमानी और रिश्वतखोरी आदि सामान्य बात समझी जाती है क्योंकि उन्हें ऐसा ही सिखाया गया है। यह बहुत दुःख की बात है जब हम बेईमानी, अधार्मिकता और सच्चाई का अभाव पास्टरों, प्रचारकों, शिक्षकों और वचन के सेवकों के मध्य देखते हैं। इस पुस्तक का लक्ष्य हम में से प्रत्येक को इस बात के लिए उत्साहित करना है कि उस हर एक बात में जो हम करते हैं, हम खराई, ईमानदारी और सरलता के प्रति पूर्णतया वचनबद्ध रहें।