पवित्रशास्त्र में परमेश्वर प्रकृति के विभिन्न तत्वों का उपयोग अपने स्वभाव और व्यक्तित्व के कुछ पहलुओं को प्रकट करने के लिए करता है। इसके अनेक उदाहरण हमें बाइबल में मिलते हैं: परमेश्वर भस्म करने वाली आग है (इब्रानियों 12:29), वह वायु के समान है (यूहन्ना 3:8), नदी के समान है (यूहन्ना 7:37-39), आदि। प्रकृति का एक अत्यंत रोचक तत्व जिसका उपयोग परमेश्वर अपने विषय में प्रकट करने के लिए करता है, वह है बिजली।
बाइबल में बिजली परमेश्वर की महिमा, पवित्रता, सामर्थ्य, अधिकार, न्याय, प्रकाशन, विजय और अलौकिक कार्यों के तात्कालिक प्रकट होने का एक प्रतीक है। यह दर्शाती है कि स्वर्ग अपनी अजेय सामर्थ्य के साथ पृथ्वी के क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रहा है। इस संदेश में हम पवित्रशास्त्र में बिजली के महत्व और उसके विभिन्न संदर्भों का अध्ययन करेंगे, जहाँ इसका उपयोग परमेश्वर तथा स्वर्गीय प्राणियों के विभिन्न पहलुओं को प्रकट करने के लिए किया गया है। परमेश्वर की बिजलियाँ उसकी महिमा, उसके कार्यों की अचानकता, उसकी सामर्थ्य, उसकी पवित्रता, उसके प्रकाशन और उसके छुटकारे का प्रतिनिधित्व करती हैं। परमेश्वर केवल बिजली का स्वामी ही नहीं है; बल्कि बिजली उसकी उपस्थिति, उसके सिंहासन और उसके हाथ से निकलती है। वही उसका स्रोत है। जब परमेश्वर कार्य करता है, तब स्वर्ग की सामर्थ्य तेजस्विता, अधिकार और अजेय प्रभाव के साथ प्रकट होती है। इस संदेश में इस सामर्थी, प्रेरणादायक और व्याख्यात्मक शिक्षण का निःशुल्क ऑडियो (MP3) और वीडियो, मुद्रण योग्य PDF संदेश रूपरेखा, संदेश नोट्स, चर्चा प्रश्नों सहित लघु समूह अध्ययन मार्गदर्शिका तथा प्रस्तुति स्लाइडें उपलब्ध हैं। ये सभी संसाधन (संदेश PDF, संदेश MP3, संदेश वीडियो और संदेश प्रस्तुति) व्यक्तिगत अध्ययन, लघु समूहों, बाइबल अध्ययन एवं प्रार्थना समूहों, स्थानीय कलीसियाओं, सम्मेलनों, बाइबल कॉलेजों आदि में निःशुल्क उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।
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