sermons church in bangalore

Complete sermon audio:
जागृति (पुनरुत्थान), ऐसा कुछ पुनः जागृत करना जो मृत हो चुका है| आज के युग में चर्च के जीवन काल में जो मृत हो चुका है उसे पुनः जागृत करने की आवश्यकता है| परमेश्वर एक असामान्य रीति से आकर अपनी उपस्थिति एवं शक्ति का अनुभव करवाता है, जिसे हम चर्च में सामान्य रूप से अनुभव करते है| इसे हम परमेश्वर से भेंट कहते है| परमेश्वर की हर भेंट, परमेश्वर का निवास बन जाना चाहिए, परमेश्वर का चलन बन जाना चाहिए| परमेश्वर का चलन चर्च से परे जाकर समूहों, नगरों एवं राष्ट्रों में होना चाहिए| आज के कार्यक्रम में हम चर्च के शुरुवात के 40 वर्षों के माध्यम से यात्रा करते हैं, जो इस बात का बोध करवाता है कि आत्मा का प्रवाह कैसा दिखाई देता है,और हम प्रेरित पौलुस से भी सीखेंगे कि पुनुरुत्थान के वाहक कैसे बने|

Featured in this episode:
* Message by Ps Ashish Raichur
* Song "Your presence is heaven" by APC Worship Band

बैंगलोर में ऑल पीपल्स चर्च, यीशु मसीह में विश्वासियों की आत्मा से भरी, शब्द-आधारित, बाइबल-विश्वास करने वाली मसीही सहभागिता है, जो उनकी उपस्थिति और अलौकिक शक्ति को परिवर्तन, उपचार, चमत्कार और उद्धार लाने की अधिक इच्छा रखते हैं। हम पूर्ण सुसमाचार का प्रचार करते हैं, विश्वासियों को मसीह में अपना नया जीवन जीने के लिए सुसज्जित करते हैं, परमेश्वर की सभा में करिश्माई और पेंटेकोस्टल अभिव्यक्तियों का स्वागत करते हैं, और सभी मसीही चर्चों में एकता को मजबूत करने में सेवा करते हैं। मसीह के शरीर में सभी विश्वासियों को मजबूत करने के लिए सभी मुफ्त संसाधन, उपदेश, दैनिक भक्ति और मुफ्त ईसाई पुस्तकें प्रदान की जाती हैं। अधिक सुसज्जित करने के लिए, कृपया एपीसी बाइबल कॉलेज देखें।

© ऑल पीपुल्स चर्च एंड वर्ल्ड आउटरीच, बैंगलोर, इंडिया
ऑल पीपुल्स चर्च एक पंजीकृत निकाय है, जो सब रजिस्ट्रार, बैंगलोर, कर्नाटक राज्य, भारत, पंजीकरण संख्या 110/200102 के साथ पंजीकृत है।

विशेष सलाह
यीशु मसीह, उनकी शिक्षाएँ और बाइबल की शिक्षाएँ सभी लोगों के लिए हैं। एपीसी कलीसिया की सभाएं, कार्यक्रमों में भाग लेके और एपीसी के संसाधनों का उपयोग करके,आप अपनी स्वतंत्र पसंद और स्वतंत्र इच्छा से ऐसा कर रहे हैं; इस बात से अवगत होना कि एपीसी यीशु मसीह, उनकी शिक्षाओं और बाइबल की शिक्षाओं में लोगों के विश्वास को मजबूत करने में मदद करता है। यह सलाह भारत के कुछ हिस्सों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों के मद्देनजर है।