हम दाऊद के जीवन के इन दस वर्षों का अध्ययन करते हैं, जिनमें उसने कई गलतियाँ कीं (2 शमूएल 11–24; 1 इतिहास 17–21)। दाऊद ने बतशेबा के साथ व्यभिचार किया। उसने अपने परिवार की समस्याओं को नज़रअंदाज़ किया, जिसके परिणामस्वरूप आगे चलकर उसके बेटे अबशालोम के नेतृत्व में पूरे देश में विद्रोह हुआ। दाऊद ने जनगणना करने का आदेश भी दिया, जिसके कारण परमेश्वर का न्याय आया।
दाऊद के जीवन के इस दौर से हम कुछ ज़रूरी बातें सीखते हैं, जो हमें अपने जीवन को अंदर से बिखरने से बचाने में मदद करेंगी:
(A) युद्ध में डटे रहें। परमेश्वर द्वारा सौंपे गए अपने कार्य के स्थान पर बने रहें।
(B) अपने जीवन के मूल आधारों की अनदेखी न करें। जब ये आधार कमज़ोर पड़ जाते हैं, तो सब कुछ ढह सकता है।
(C) समस्याओं को शुरुआत में ही सुलझाएँ। देरी विनाश का कारण बन सकती है।
(D) जीवन के उतार-चढ़ाव में हर समय अपनी कमज़ोरियों के प्रति सतर्क रहें।
(E) परमेश्वर हमारी गलतियों से बड़ा है। वह हमें फिर से सही रास्ते पर लाता है और पुनःस्थापित करता है।
इस संदेश में इस प्रभावशाली, प्रेरणादायक और बाइबल पर आधारित शिक्षण का ऑडियो (MP3) और वीडियो निःशुल्क उपलब्ध है। इसके साथ ही, प्रिंट करने योग्य PDF में संदेश की रूपरेखा, संदेश के नोट्स और चर्चा के प्रश्नों सहित छोटे समूह के अध्ययन के लिए मार्गदर्शिका भी उपलब्ध है। संदेश की रूपरेखा (PDF), ऑडियो (MP3), वीडियो और प्रस्तुति स्लाइड्स सहित सभी संसाधन व्यक्तिगत अध्ययन, छोटे समूहों, बाइबल अध्ययन और प्रार्थना समूहों, स्थानीय कलीसियाओं, सम्मेलनों, बाइबल कॉलेजों आदि में निःशुल्क उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।
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